How to treat stomach infection

पेट के संक्रमण (stomach infection) की समस्या आम होती जा रही है, और यह अक्सर पेट की आंत में अनावश्यक बैक्टीरिया बढ़ जाने, खानपान और हाइजीन से जुड़े मामलो के कारण उत्पन्न होती है। जिससे आपके पेट में दर्द (Abdominal pain), पेट में गैस, अपच (indigestion) और दस्त (diarrhea) जैसे लक्षण आते हैं। हालांकि हम यहाँ बात करेंगे, कि पेट के संक्रमण को (how to treat) कैसे ठीक किया जा सकता है, और उसके लिए कौन-कौन से घरेलू उपाय (home remedies) और सुरक्षित तरीके हो सकते हैं। इसके अलावा हम पेट के संक्रमण के कारण (symptoms of stomach infection), लक्षण, उपचार (treatment) और बचाव के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

पेट में संक्रमण के कारण (due to a stomach infection)

पेट में संक्रमण (stomach infection) होने के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे;

  • बाजार में मिलने वाले फ़ास्ट फ़ूड, पैक्ड फ़ूड, प्रोसेस्ड फ़ूड, या तले हुए पदार्थो का सेवन करना।
  • लेकिन सबसे प्रमुख कारण होता है, पानी और खाद्य पदार्थों में अशुद्धि।
  • अगर आप गंदी, अशुद्ध या लम्बे समय से रखे हुए बासी खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, तो आपके पेट में बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं।
  • साथ ही, दूषित पानी पीने से भी पेट में संक्रमण का खतरा हो सकता है।
  • इसके अलावा किचन के आस-पास साफ़ सफाई का ध्यान न देना,
  • भोजन से पहले हाथ न साफ़ करना, जैसे छोटे-छोटे अनेक कारण हो सकते है।
  • मीठा या कोई अन्य पदार्थ बहुत ज्यादे मात्रा में खाने से भी आपके पेट के आंतरिक प्रणाली में खराबी हो सकती है, जिससे संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • कभी कभी किसी अन्य बीमारियों के कारण भी पेट में संक्रमण की समस्या हो सकती है।
  • ऐसे ही कुछ के बारे में बताया गया है जैसे; नोरो वायरस से ग्रसित व्यक्ति को भी यह समस्या हो सकती है।
  • नोरो वायरस का कारण सी फ़ूड का सेवन करना हो सकता है।
  • इसके अलावा पेट में संक्रमण की समस्या रोटा वायरस के कारण भी हो सकती है।
  • रोटा वायरस से अधिकतर छोटे बच्चे ही ग्रषित होते है।
  • रोटा वायरस होने का कारण है ऊँगली या किसी भी पदार्थ को मुँह में डालने की आदत ऐसा करने से मुख द्वारा पेट में वायरस जाने का खतरा होता है।

पेट के संक्रमण के लक्षण (symptoms of stomach infection)

पेट के संक्रमण के लक्षण विभिन्न हो सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य लक्षण होते हैं जैसे कि पेट में दर्द (stomach pain), पेट में गैस (gas), उलटी (vomit) होना, अपच, दस्त (diarrhea) और तनाव (depression)।

अगर आपको ये लक्षण (symptoms) महसूस हो रहे हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से चेक कराना चाहिए। इसके लक्षण व्यक्ति के दिनचर्या और स्वास्थ्य स्थिति से प्रभावित होते है। यह लक्षण आपके खान-पान की बुरी आदतों, पाचन संबंधी समस्याओं और आपके शारीरिक स्वास्थ्य की स्थिति पर भी निर्भर करता हैं। पेट के संक्रमण (stomach infection) के कुछ आम लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  1. पेट में ऐंठन और दर्द (abdominal cramps and pain)

पेट के संक्रमण (stomach infection) का एक प्रमुख लक्षण है, पेट में दर्द का एहसास होना। यह दर्द आमतौर पर तेज़ होता है और कई बार असहनीय भी होता है। यह बेहद तकलीफदेह हो सकता है और किसी भी तरह के शारीरिक या मानसिक बेचैनी पैदा कर सकता है। कभी कभी पेट में ऐठन की भी समस्या देखने को मिल सकती है।

  1. उलझन और बेचैनी (Confusion and restlessness)

जानकारी के लिए बता दे, कि हमारे पेट और दिमाग (brain) का आपस में एक गहरा सम्बन्ध है। इसीलिए पेट संक्रमण (stomach infection) से ग्रस्त होने पर व्यक्ति में उलझन और बेचैनी की भावना देखने को मिल सकती है। यह असामान्य खान-पान या पाचन संबंधी समस्याओं के कारण हो सकता है

  1. बुखार और शरीर में थकान (Fever and body fatigue) 

पेट की संक्रमण (stomach infection) के बाद व्यक्ति को बुखार (fever) के साथ शरीर में थकान भी महसूस हो सकता है। यह शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया का एक रूप हो सकता है जिसका परिणाम बुखार और कमजोरी (weakness) होता है।

  1. दस्त (Diarrhea)

अचानक या बार-बार दस्त होना पेट के संक्रमण का एक मुख्य लक्षण हो सकता है। दस्त (Diarrhea) के साथ-साथ पेट में दर्द (stomach pain) और उलटी (vomit) गंभीर परिस्थिति उत्पन्न कर सकता है। 

  1. उल्टी (vomit)

पेट के संक्रमण (stomach infection) में उलटी (vomit)होना सामान्य हैं, जो तंत्रिका की सूजन (nerve inflammation) के कारण हो सकती हैं। ऐसा होने से पेट का ख़राब पदार्थ बाहर आ जाता है। 

  1. भूख में कमी ( Loss of appetite)

पेट में इन्फेक्शन ((stomach infection) के कारण खाया हुआ खाना सही से नहीं पचता जिससे भूख (appetite) में कमी भी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा भूख में कमी के और भी कारण हो सकते है। ऐसे समय केवल फल का सेवन करना उचित होता है। 

  1. मल में रक्त

इस समस्या के कारण मल (stool) द्वारा रक्त (blood) भी आ सकता है। ऐसा तभी होता है जब संक्रमण (infection) बहुत ज्यादा बढ़ जाये।

How to cure stomach infection with home remedies

How to cure stomach infection with home remedies

पेट की संक्रमण (tummy infection) के घरेलू उपाय (home remedies) आपकी स्वास्थ्य स्थिति (health condition) को सुधारने में मदद कर सकते हैं। ये नुस्खे (health tips) प्राकृतिक होते हैं और आपके पेट को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।

शुद्धता (purity) का ध्यान रखने वाले आहार (food) का सेवन करना, खासकर सब्जियाँ (vegetables) और फल (fruits), आपके पेट के स्वास्थ्य (stomach health) को सुधारने में मदद कर सकते है। ताजा पानी (fresh water) पीना और सुबह उठकर नियमित व्यायाम करना भी आपके पेट के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। आये इसके उपचार (treatment) के बारे में और जानने की कोशिश करें:

  1. नारियल पानी का करें सेवन ( Can drink coconut water in stomach infection)

पेट में संक्रमण (stomach infection) से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में नारियल पानी (coconut water) पीना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे पीने से आपके शरीर के अंदर की हिस्सों को साफ (body detox) करने की क्षमता मिलती है और आपके पेट को स्वस्थ रखने में भी मदद मिलती है। इससे डिहाइड्रेशन (dehydration) की समस्या भी ख़त्म करने में मदद मिलती है। साथ ही यह कमजोरी से बचने के लिए एनर्जी (energy) भी प्रदान करता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट (anti-oxidents), लॉरिक एसिड (loric-acid), विटामिन बी (vitamin-b), पोटैशियम और मैग्नीशियम भी पाया जाता है, जो कि पेट में संक्रमण (stomach infection) को कम करने में मदद करता है।

  1. सेब का सिरका से पाए लाभ ( Apple vinegar can be taken in stomach infection)

सेब का सिरका (apple vinegar) पेट की संक्रमण (stomach infection) के लिए एक अच्छा घरेलू उपाय (home remedy) हो सकता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो बुरे बैक्टीरिया को मार सकते हैं और पेट में संक्रमण से राहत प्रदान कर सकते हैं। यह संक्रमण से ग्रसित कोशिकाओं (cells) को भी ठीक कर सकता है। वैसे तो इसका सेवन कभी भी किया जा सकता है लेकिन अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए इसे सुबह गुनगुने पानी (lukewarm water) में मिक्स करके खाली पेट इसका सेवन करें। पेट का संक्रमण थोड़े समय में ठीक हो जाता है इसलिए सेब के सिरके का इसपर कोई दुष्प्रभाव (no side effects) नहीं होता।

  3. संक्रमण में तुलसी के पत्ते है लाभदायक (Basil leaves are beneficial in infection)

तुलसी के पत्ते (basil leaves) में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो पेट की संक्रमण (stomch infections) से लड़ने में मदद कर सकते हैं। आप तुलसी के पत्तों को रोजाना खाने में शामिल करके अपने पेट की स्वास्थ्य (stomch health) का ख्याल रख सकते हैं। इसका सेवन करने से संक्रमण में बढ़ोत्तरी भी नहीं होती। साथ ही यह पेट को शीतलता (coolness) भी प्रदान करता है।

  1. जीरा और धनिया का उपयोग (Use of cumin and coriander in stomach infection)

जीरा (cumin) और धनिया (coriander) दोनों के अनेक गुण है लेकिन दोनों का एक साथ सेवन करने से यह पेट से जुडी समस्या (stomach problem) के लिए बहुत अच्छा उपाय होता है। सुबह-सुबह जीरा और धनिया का पानी पिए इससे पाचन को सुधारने में मदद मिल सकती हैं। इनमे मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटी-माइक्रोबियल, और एंटी-इंफ्लामेंटरी गुण होते है जो आपके पेट के संक्रमण (stomach infection) को कम कर पाचन क्रिया को मजबूत बनाते है। इसके अलावा जीरा में पाए जाने वाला थाइमोल (thymol)नामक पदार्थ भी पाचन क्रिया को शुद्ध करता है। ध्यान दे, एक दिन में एक गिलास पानी का ही सेवन करें। 

 

  1. संक्रमण में पान का पत्ता है लाभदायक (Betel leaf is beneficial in infection)

रोज आधा चम्मच पान के पत्ते का रस (betel leaf juice) पिए। अगर आप चाहे तो इसके पत्ते का भी सेवन कर सकते है, लेकिन उसे अच्छे से चबा-चबा कर खाये। ऐसा करने से दर्द (pain) से आराम (relax) मिलेगा और आपके पेट का संक्रमण (stomach infections) भी जल्द ही ठीक होगा। अगर इसका सेवन खाली पेट करते है तो इसका असर जल्द ही देखने को मिल सकता है। ध्यान दे, फल की तरह इसका सेवन भी शाम होने के बाद नहीं करना चाहिए। इसका सेवन करने के एक से दो घंटे तक किसी भी प्रकार के दवा (medicine) का सेवन न करे।

  1. निम्बू पानी का करें सेवन (Lemon water in stomach infection)

शरीर को तुरंत एनर्जी (energy) देने और पेट को स्वस्थ (stomach health) रखने के लिए निम्बू (lemon) बहुत आवश्यक है। पोटेशियम, आयरन, सोडियम, मैगनेशियम, तांबा, फास्फोरस, क्लोरीन तत्त्व तो हैं ही, प्रोटीन, वसा और कार्बोज भी पर्याप्त मात्रा में हैं। इसमें विटामिन ए, बी और सी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते है, जो कि सबसे जरुरी है। ध्यान दे भोजन करने के 45 मिनट से एक घंटे तक इसका सेवन न करें। अगर आप इसका सेवन सुबह खाली पेट (empty stomach)  गुनगुने पानी के साथ करते है, तो यह अधिक लाभदायक (beneficial) होगा। 

  1. आमला से पाए लाभ (amla for stomach infections)

आमले (amla) का आयुर्वेदिक मुरब्बा (Ayurvedic jam) पेट के संक्रमण (stomach infections) को रोकने के लिए एक अच्छा उपाय हो सकता है। आप चाहे तो इसका जूस (juice)  भी सुबह में खाली पेट ले सकते है। दिन में दो से तीन मुरब्बे (2-3 jam) या 10 से 12 मिलीग्राम जूस का ही सेवन करें। ज्यादा अमला खाने से यह नुकसान दायक भी साबित हो सकता है। इसमें विटामिन सी, विटामिन बी, फाइबर, और काम्प्लेक्स कार्बोहायड्रेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम,और आयरन जैसे लाभदायक मिनरल्स भी मौजुद होते है जोकि पेट की समस्या के लिए बहुत आवश्यक है। 

 

Stomach infection diagnosis and precautions

पेट के संक्रमण का इलाज (stomach infection treatment) उसके कारण और स्वरूप के आधार पर किया जाता है। ऐसा करने से हम बीमारी (disease) से पूरी तरह निदान पा सकते है, और हमे तो पता ही है, कि पेट के संक्रमण का मुख्य कारण गलत जीवनशैली (wrong lifestyle) तथा अस्वस्थ खान पान है। इसलिए हम अपने जीवनशैली और आहार में शुद्धता लाकर पेट के संक्रमण को हमेशा के लिए सही कर सकते है। घरेलू उपायों (home remedies) के साथ-साथ सुरक्षित तरीकों से इस समस्या का समाधान संभव है।

  1. हाइड्रेशन (hydration for stomach health)

हमेशा शरीर में पानी की कमी (lack of water) को पूरा करते रहे। दस्त (loose motions) के कारण शरीर से काफी पानी (water) कम हो जाता है जिससे डिहाइड्रेशन (dehydration) की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए अधिक हाइड्रेशन रखना बहुत जरुरी है।

  1. स्वस्थ आहार ( healthy diet for stomach infection)

सुरक्षित तरीके से पेट के संक्रमण का इलाज करने के लिए हेल्दी खानपान (healthy diet) बहुत जरुरी है। पेट के संक्रमण (stomach infections) में स्वस्थ, अधिक फाइब्रस और पौष्टिक आहार खाना बहुत महत्वपूर्ण है। अशुद्ध और तले हुए खाने (roasted foods) से बचने के लिए उत्तरदायिता से खाना बनाना चाहिए। क्युकी ज्यादा तैलीय पदार्थ खाने से इन्फेक्शन घाव का रूप ले सकता है और घाव (wound) आगे जाकर कैंसर (cancer) का कारण भी बन सकता है।

  1. आराम और विश्राम (Rest and relaxation)

इन्फेक्शन (infections) के कारण डिहाइड्रेशन, और डिहाइड्रेशन से कमजोरी की समस्या हो सकती है। ऐसे में काम करने से शरीर का ताप बढ़ सकता है। इसलिए इन्फेक्शन  के समय आराम और विश्राम लेना महत्वपूर्ण है, जिससे शरीर का स्वास्थ्य तेजी से सुधर सके।

  1. योग और प्राणायाम ( Yoga for stomach health)

योग (yoga) और प्राणायाम का नियमित अभ्यास करने से आपके पेट के संक्रमण (stomach infection)  की समस्या में सुधार हो सकता है। योगासन जैसे कि पवनमुक्तासन (Pawanmuktasana), पद्मासन (Padmasana) आदि पाचन क्रिया (digestion) को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

stomach infections एक आम समस्या है जो आजकल बहुत से लोगों को प्रभावित कर रही है। स्वस्थ (health) और संतुलित आहार (balanced food) खाना digestion  में मदद कर सकता है और पेट (stomach health) में सहायता प्रदान कर सकता है। ताजे फल (fresh fruits) और सब्जियां, अदरक, लहसुन और ग्रीन टी stomach infection के लिए उत्कृष्ट आहार (Best Food) हैं। इन्हें अपने आहार में शामिल करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।